Skip to main content

सोच समझकर...


सोच समझकर तो रिश्ते जूड़ते नहीं,
कुछ खून से बने हैं तो कुछ हम बुन्ते हैं यहीं!
हर टूटे रिश्ते के साथ दिल का भी कुछ तुकड़ा टूटता है कहीं !
मगर सोच समझकर तो रिश्ते जूड़ते नहीं!
It's Not a Business Deal when it comes to True Love and Relations! Selflessness should be the only intention.
-श्रीय कत्याल

Comments

Popular posts from this blog

Kya paisa hi sab kuch hota hai?

Kya hai paisa apke liye? Rishton se zyada? Kya krta hai ye humesha sath nibhane ka waada? Khushiya deta hai ye? Kya isne apke ansoo peeye? Kya hai paisa doston apke liye...

मां, हमेशा तुम मेरे पास, हमेशा मेरे साथ ही रहना...

जिंदगी में हम चलते हैं, कभी रुकते हैं, गिरते हैं, तो कभी संभलते हैं! पर हर खुशी में तुम्हें ही गले लगाते! मुश्किलों में तुम्हारे आंचल में आकर कहीं छुप जाते! क्या अच्छा है, क्या है बुरा, सब जान तुमसे ही तो पाते! अपने आशीर्वाद का हाथ सदा सर पर रखना, दुआ हमेशा मेरी सफलता की करना! मेरी मां, जब लड़खड़ाए कदम मेरे, कर देना तुम जिंदगी से दूर सारे अंधेरे! नई रोशनी दिखाना मुझे, देखूंगी मैं तुम्हारी आंखों से सवेरे! बस यही है कहना, बस इतना ही है कहना, मां, हमेशा तुम मेरे पास, हमेशा मेरे साथ ही रहना. -श्रीया कत्याल 

It's God's morning gift!